मातृ सदन पर आरोपों से संत समाज में उबाल, अधिवक्ता बोले- खनन माफिया के बयानों की भी हो जांच
“राजकुमार गुर्जर नाम का यह खनन माफिया ‘कालनेमि’ का रूप लेकर खुलकर बोल रहा है, फिर भी प्रशासन मौन है—धिक्कार है!”—ब्रह्मचारी अधिवक्ता सुधानंद
हरिद्वार। महामंडलेश्वर स्वामी रामानंद उर्फ राजकुमार गर्जर ओर से मातृ सदन पर लगाए गए आरोपों और जांच की मांग के बाद हरिद्वार के संत समाज में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मामले में मातृ सदन की ओर से अधिवक्ता सुधानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मातृ सदन के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों के पीछे की सच्चाई भी सामने आनी चाहिए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अधिवक्ता सुधानंद ने आरोप लगाया कि मातृ सदन के खिलाफ पहले भी खनन से जुड़े लोगों की ओर से अनर्गल बयानबाजी की जाती रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर स्वयं आपराधिक मामले होने के आरोप हैं, उनके बयानों को बिना तथ्यात्मक जांच के प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थानों पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर मातृ सदन की ओर से जल्द ही विस्तार से जवाब दिया जाएगा।
मातृ सदन लंबे समय से गंगा संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। संस्था से जुड़े संतों और समर्थकों का कहना है कि गंगा संरक्षण के लिए यहां कई लोगों ने भूख हड़ताल तक की और अपने प्राणों की आहुति दी है। ऐसे में संस्था पर सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों को लेकर समर्थकों में भी नाराजगी है।
समर्थकों ने उठाए सवाल
मातृ सदन के एक समर्थक ने कहा कि वर्तमान समय में कुछ ही संस्थाएं गंगा संरक्षण और सनातन परंपराओं से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्षता से आवाज उठा रही हैं। ऐसे में मातृ सदन के खिलाफ की गई प्रेस वार्ता के पीछे की मंशा की भी जांच होनी चाहिए। समर्थक ने इसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास बताते हुए आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल महामंडलेश्वर की प्रेस वार्ता के बाद उठे आरोप-प्रत्यारोप ने हरिद्वार के संत समाज में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर मातृ सदन की ओर से दिए जाने वाले विस्तृत जवाब और प्रशासनिक स्तर पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर है।









































































































































































































































































































































