अखाड़ों की व्यवस्था पर साध्वी कंचन सिन्हा का सीधा हमला, संत समाज में छिड़ी नई बहस
जूना अखाड़े के शीर्ष नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप, उदिता त्यागी और राधे मां को लेकर भी उठाए सवाल; अखाड़ा परिषद से जवाब की मांग तेज
हरिद्वार।हरिद्वार में पहले से अखाड़ा परिषद और अखाड़ों की व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद के बीच साध्वी कंचन सिन्हा के एक वीडियो और फेसबुक पोस्ट ने संत समाज में नई बहस छेड़ दी है। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर जारी वीडियो में उन्होंने जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, अखाड़े के संरक्षक हरी गिरी और अखाड़ा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
वीडियो में साध्वी कंचन सिन्हा ने दावा किया कि अखाड़ों में महामंडलेश्वर जैसे महत्वपूर्ण पद धनबल के आधार पर दिए जा रहे हैं। उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “पैसा दो, पद बिकता है… बोलो खरीदोगे?” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और आस्था के नाम पर व्यवस्था को व्यापार का माध्यम बनाया जा रहा है।
साध्वी ने हाल ही में महामंडलेश्वर बनीं उदिता त्यागी का उल्लेख करते हुए उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उदिता त्यागी कुछ समय पहले ही डासना मंदिर से जुड़ी हैं और उनका संबंध प्रॉपर्टी कारोबार से रहा है। इसके अलावा वीडियो में उन्होंने राधे मां को महामंडलेश्वर बनाए जाने का भी उल्लेख करते हुए कहा कि “राधे मां को भी महामंडलेश्वर बनाकर धर्म की हानि की गई।” यह टिप्पणी भी उन्होंने अपने आरोपों के क्रम में की।
वीडियो के दौरान साध्वी कंचन सिन्हा ने कहा कि “धर्म को धर्म के मार्ग पर मत ले जाइए, इसे व्यापार मत बनाइए।” उन्होंने अखाड़ा परिषद की कार्यप्रणाली, धार्मिक पदों की पारदर्शिता और संत समाज की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से हरिद्वार में अखाड़ा परिषद के नेतृत्व, दो अलग-अलग अखाड़ा परिषदों के विवाद और अखाड़ों की आंतरिक व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चाएं और मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे समय में साध्वी कंचन सिन्हा के इन आरोपों ने पूरे मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
हालांकि, साध्वी कंचन सिन्हा द्वारा वीडियो और पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। समाचार लिखे जाने तक जूना अखाड़ा, स्वामी अवधेशानंद गिरी, हरी गिरी, उदिता त्यागी या अन्य संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


































































































































































































































































































































