June 26, 2026
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हरिद्वार के संत दिल्ली में बोले— पर्यावरण संरक्षण और व्यवस्था परिवर्तन के लिए जनआंदोलन जरूरी

कांस्टिट्यूशन क्लब में राष्ट्रीय कार्यकर्ता बैठक, किसान नेताओं व संत समाज ने उठाई जल, जंगल, जमीन बचाने की आवाज

 

नई दिल्ली। राजधानी के कांस्टिट्यूशन क्लब में शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रीय कार्यकर्ता बैठक एवं राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026 समारोह में हरिद्वार के मातृ सदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद सरस्वती महाराज सहित देशभर से पहुंचे संतों, किसान नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रतिनिधियों ने जल, जंगल, जमीन और गंगा संरक्षण को लेकर व्यापक जनआंदोलन की जरूरत बताई। इस दौरान उनके शिष्य ब्रह्मचारी अधिवक्ता सुदानंद भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक मुद्दा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व का प्रश्न है। उन्होंने गंगा, जल, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए समाज से संगठित होकर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही राष्ट्र और मानवता की सच्ची सेवा है।

वहीं किसान मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता भोपाल सिंह चौधरी ने नदियों की अविरलता बनाए रखने और बांध परियोजनाओं पर पुनर्विचार की मांग उठाई। राष्ट्रीय लोक आंदोलन की कार्याध्यक्ष कल्पना इनामदार ने सामाजिक संगठनों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए 31 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन तथा 1 जुलाई को चंडीगढ़ में राष्ट्रीय रणनीति बैठक बुलाने की घोषणा की।

25 कर्मयोगियों का हुआ सम्मान

समारोह के दौरान देशभर के 25 सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान नेताओं और जनसेवियों को ‘राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। उत्तराखंड से किसान मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल तिवारी को भी इस सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना संघर्ष निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए संत, किसान नेता, पर्यावरणविद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, किसानों के हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए साझा रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

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