देवभूमि में विदेशी महिला की संदिग्ध मौत: तीन दिन से होटल में ठहरी थी, छेड़छाड़ के आरोपों से मामला गंभीर, पर्यटक सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद होटलो का सच उजागर, महिला सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल — सिस्टम खामोश।

देवभूमि ऋषिकेश में विदेशी महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब कई परतें खोलती नजर आ रही है। टूरिस्ट वीजा पर भारत घूमने आई रोमानिया निवासी 30 वर्षीय टोडस डेनिस क्रिस्टिना की तीसरी मंजिल से कूद कर मौत ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि प्रदेश की पर्यटन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला पिछले तीन दिन से तपोवन स्थित ‘फुट हिल्स’ होटल में ठहरी हुई थी। घटना वाली रात वह अपने होटल से करीब 100 मीटर दूर स्थित ‘V-3’ होटल पहुंची। गुरुवार तड़के करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच वह वहां की तीसरी मंजिल पर गई और कुछ ही देर बाद नीचे गिर गई।
मामले को और गंभीर बनाते हैं वे आरोप, जो सूत्रों के हवाले से सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि घटना से पहले महिला के साथ होटल स्टाफ द्वारा कथित रूप से छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार किया गया। इसी के बाद वह मानसिक तनाव में ऊपर गई और यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और इन्हें जांच का हिस्सा बताया है।
घटना से पहले महिला और होटल कर्मचारियों के बीच कहासुनी होने की बात भी सामने आई है। CCTV फुटेज में महिला को होटल की तीसरी मंजिल की ओर जाते हुए देखा गया है, जिसके कुछ ही देर बाद यह घटना हुई। ये सभी परिस्थितियां पूरे मामले को संदिग्ध बना रही हैं।
सूचना मिलते ही मुनिकीरेती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में महिला को राजकीय उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाते हुए रोमानिया दूतावास को सूचना दे दी है।
थाना मुनिकीरेती के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान के अनुसार, दूतावास और परिजनों से संपर्क के बाद ही पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू — हादसा, आत्मघाती कदम या किसी तरह का दबाव — सभी बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में एक विदेशी महिला, जो यहां पर्यटन के उद्देश्य से आई थी, उसे ऐसी स्थिति का सामना क्यों करना पड़ा? यदि छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार के आरोपों में सच्चाई है, तो यह प्रदेश की छवि और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।
इस घटना ने राज्य में महिला सुरक्षा, विशेषकर विदेशी महिला पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पर्यटन पर निर्भर राज्य में इस तरह की घटनाएं न केवल चिंता बढ़ाती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गलत संदेश देती हैं।
ऐसे में जरूरत है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच हो। दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
देवभूमि में हुई यह घटना उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है — कि पर्यटन और सुरक्षा के दावों के बीच जमीनी हकीकत क्या है, इस पर अब गंभीर मंथन जरूरी है।















































































































































































































































































































