March 18, 2026
# Tags
#Blog #Analytics #Basketball #Breakfast #Business #Cheese #Chief minister #Congress #CookBook #Cricket #Dessert #DM #Education #Election #Events #Food #Ganga #Haridwar #Indian army #People #Plane crash #PM yojana #politics #Proceeding #Recipes #RERA #Roorkee #Rugby #Sadhu sant #School #Swiming #Tennis #travel #world #Yatra #कार्यवाही #खनन #पुलिस #पॉयलेट बाबा आश्रम #प्रशाशन #भाजपा #रानीपुर विधानसभा #रुड़की #श्रधांजलि #सुरक्षा

हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण का एक और कारनामा: ‘शुभम सिटी’ में एक तरफ ध्वस्तीकरण, दूसरी तरफ नक्शे स्वीकृत भी

अवैध घोषित कॉलोनी में धड़ल्ले से निर्माण जारी, दोहरी कार्यप्रणाली पर उठे सवाल; RERA पहले ही लगा चुका है रोक

 

हरिद्वार/रुड़की।

हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर कटघरे में है। रुड़की क्षेत्र की चर्चित पिरामिड कॉलोनाइजर की ‘शुभम सिटी’ कॉलोनी में प्राधिकरण के विरोधाभासी कदमों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। एक ओर जहां कॉलोनी को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर उसी कॉलोनी में मकानों के मानचित्र स्वीकृत किए जाने का मामला सामने आया है।

‘शुभम सिटी’ कॉलोनी, जिसे पिरामिड कॉलोनाइजर द्वारा विकसित किया जा रहा है, पहले से ही विवादों में रही है। रुड़की मजिस्ट्रेट द्वारा कॉलोनी को अवैध घोषित किए जाने के बाद यहां बुलडोजर चलाया गया था। इसके बावजूद कॉलोनी में निर्माण कार्य न केवल जारी है, बल्कि प्लॉटों की बिक्री भी खुलेआम की जा रही है।

संजीव गुप्ता और उसकी महिला सहयोगी सरोज रावत 

पीड़ितों का आरोप है कि कॉलोनी के बिल्डर संजीव गुप्ता और उनकी सहयोगी सरोज रावत सुनियोजित तरीके से लोगों को गुमराह कर रहे हैं। संजीव गुप्ता अपनी महिला सहयोगी सरोज रावत के द्वारा शिकायतकर्ताओं पर झूठे मुकदमे लिखती है।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कॉलोनी पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई, वहीं अब मकानों के नक्शे पास किए जा रहे हैं, जिससे प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण को लेकर दर्जनों शिकायतें प्राधिकरण तक पहुंच चुकी हैं। वहीं रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) द्वारा भी इस प्रोजेक्ट पर रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है, जो मामले को और गंभीर बनाती है।

प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रुड़की ae टी एस पवार का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्राधिकरण के अधिकारी उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।

पलायन कर चुके लोगों के घर।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एक ही कॉलोनी को अवैध घोषित कर ध्वस्त किया जा रहा है, तो उसी में निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कैसे किए जा रहे हैं। प्राधिकरण की यह दोहरी कार्यप्रणाली न केवल आम उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक जोखिम में भी डाल रही है लोग पलायन को मजबूर हैं कोई भी मूलभूत सुविधाएं कॉलोनी में नहीं है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *