गंगा रो रही है, सरकार सो रही है: मातृसदन ने दी चेतावनी – नहीं रुका खनन तो होगा अनशन
धारी देवी के पास गंगा में खुलेआम हो रहा खनन, स्वामी शिवानन्द सरस्वती का लाइव वीडियो वायरल – “यह परियोजना नहीं, माँ गंगा की हत्या है”
श्रीनगर (उत्तराखंड) – पवित्र गंगा के सीने पर चल रही मशीनों और डंपरों की गूंज अब आंदोलन का रूप ले सकती है। मातृसदन, जो पिछले तीन दशकों से गंगा संरक्षण की लड़ाई लड़ रहा है,मातृसदन ने गंगा में हो रहे भारी खनन और सरकारी चुप्पी पर गंभीर चिंता जताई है।
धारी देवी मंदिर से पहले गंगा की धारा में खुलेआम ड्रेजिंग और खुदाई हो रही है, जिसका वीडियो स्वयं स्वामी शिवानन्द सरस्वती ने जारी किया है। उनके साथ अधिवक्ता स्वामी सुदानंद भी मौके पर उपस्थित थे। दोनो गुरु शिष्य ने इसे “गंगा की हत्या” करार देते हुए कहा है कि यदि यह विनाश नहीं रुका तो मातृदन अनशन और सत्याग्रह का रास्ता अपनाएगा।
स्वामी शिवानन्द का कहना है,
“माँ गंगा कोई परियोजना नहीं है, वह हमारी संस्कृति, श्रद्धा और जीवन का स्रोत है। उसका व्यापार किया जा रहा है, और सरकार चुप है।”
चारधाम यात्रा के बीच गंदगी और बदबू से स्वागत
कर्णप्रयाग से लगभग 12 किलोमीटर पहले, गंगा किनारे टनों कचरा सड़कों पर फैलता देखा जा सकता है। यह दृश्य तीर्थयात्रियों के लिए एक अपमान की तरह है। मातृसदन का कहना है कि यह “चारधाम यात्रा की तैयारी नहीं, भ्रष्टाचार की बदबू है।”
राज्य सरकार पर सीधा आरोप
मात्र सदन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह सब राज्य सरकार की लापरवाही और खनन माफियाओं के गठजोड़ का परिणाम है। जब गंगा जैसी पवित्र नदी के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा तो फिर किस आस्था की रक्षा होगी?
मातृसदन: गंगा की अंत:वाणी
गंगा और हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए वर्षों से समर्पित मातृसदन, अब फिर मैदान में उतर चुका है। सरकार और प्रशासन की चुप्पी के बीच यह संगठन एक बार फिर माँ गंगा की आवाज बनकर खड़ा है।

















































































































































































































































































